कैब CAB भेदभावपुर्ण व संविधान की आत्मा को छलनी करने वाला बिल-संजय अजगल्ले
रायपुर-नई दिल्ली। युवा कांग्रेस पुर्व प्रदेश महासचिव व जांजगीर-चांपा जिला युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष संजय अजगल्ले ने नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) के संसद में पास होने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 'कैब' जैसा भेदभावपूर्ण व संविधान की आत्मा को छलनी करने वाला विधेयक भाजपा तब लाई है, जब महात्मा गांधी की जयंती के 150वें वर्ष का पार्टी ढिंढोरा पीट रही है।
भाजपा जिस समय महात्मा गांधी की जयंती के 150वर्ष पूरा होने का ढिंढोरा पीट रही है उसी दौरान CAB जैसा भेदभावपूर्ण व संविधान की आत्मा को छलनी करने वाला बिल ला रही है।
भाजपा के विभाजनकारी मंसूबों के ख़िलाफ कांग्रेस पूरी मजबूती से लड़ेगी।
कांग्रेस युवा नेता संजय अजगल्ले जी ट्वीट कर कहा कि कैब और एन आर सी भारत पर फासीवादियों द्वारा फैलाई गई बड़े ध्रुवीकरण के हथियार है।इन गंदे हथियारों के खिलाफ सबसे अच्छा बचाव शांतिपूर्ण ढंग अहिंसा सत्याग्रह है।
संजय अजगल्ले ने आगे कहा-मैं उन सभी के साथ एकजुटता से खडा हूं जो कैब और एन आर सी के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे हैं।
युवा नेता संजय अजगल्ले ने कहा-कालेज के छात्रों के प्रति गुंडाराज की हिंसा ओर प्रदर्शन से नाराज़ दिल्ली पुलिस का एक्शन अवतार परिसर में प्रवेश करना और छात्रों पर लाठी और आंसू-गैस बरसाना निंदनीय है।
देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना अस्वीकार हैं।
युवा नेता संजय अजगल्ले ने आगे बताया कि-एक और दिन इस देश के छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया।हर बार हम जो मुद्दे उठाते हैं वे अलग अलग होते हैं लेकिन हमारे विरोध का परिणाम हमेशा एक ही होता है " लाठीचार्ज " यह सरकार क्यों है? छात्रों और युवाओं के प्रति असंवेदनशील?
संजय अजगल्ले ने आगे कहा-तानाशाह राजा ने पहले जेएनयू,को बर्बाद करना चाहा, फिर एएमयू छात्रों को निशाना बनाया विगत चार दिन पहले रात को जामीया मीलिया में कहर बरपाया अब डीयू की बारी है।
संजय अजगल्ले ने आगे बताया कि कश्मीर पीडा में है,असम जल रहा है तानाशाह के खिलाफ उठ रही आवाजों को एक कौम और उनके कपड़ों को देखकर कुचलने का आदेश खाकी (संघ-पुलिस)को दे रहा है।
संजय अजगल्ले ने आगे कहा-हमे भारत की आत्मा की रक्षा के लिए एकजुट होना होगा।
जब सत्तारूढ़ दल इस घाव को हमारे संविधान पर लादने की योजना बना रहा है तो हम चुप नहीं रह सकते।
संजय अजगल्ले ने कहा-ये विचार भारत के विचार को नष्ट करने वाले इन्टीलो को रोकते नहीं है, भाजपा भारत को खुद को घृणित समाज बनने से रोकने के लिए क्रांति की आवश्यकता है। दुःख की बात है कि न तो न्यायपालिका और न ही मीडिया संस्थान में सच्चाई दिखाने की हिम्मत है।
पुरे देश को धर्म के आधार पर बंटवारे का विरोध करना चाहिए आज सावरकर और गोडसे की औलादें फिर से देश को बंटवारे की तरफ ले जा रहे हैं।
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